पश्चिमी विक्षोभ का आगमन: गर्मी से राहत, दिल्ली-एनसीआR में तूफान

पश्चिमी विक्षोभ का आगमन: गर्मी से राहत, दिल्ली-एनसीआR में तूफान
17 जून 2026 Sanjana Sharma

उत्तर भारत के लिए गर्मी की सैलाब में एक स्वागत योग्य बदलाव आने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि 18 जून से 22 जून 2026 के बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसका सीधा असर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर भारत पर पड़ेगा, जहां हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर भारी वर्षा की संभावना है।

दिल्ली-एनसीआर सहित कई इलाकों में 22 जून तक आंधी-तूफान के साथ बारिश हो सकती है। यह खबर उन लाखों लोगों के लिए राहत की बौछार है जो लगातार बढ़ते तापमान से परेशान हैं। हालांकि, दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में अभी भी लू की स्थिति बना रह सकती है।

पश्चिमी विक्षोभ: क्या है और क्यों जरूरी?

आमतौर पर पश्चिमी विक्षोभों को सर्दियों का मेहमान माना जाता है, लेकिन जून जैसे गर्म महीने में इसका आगमन अक्सर 'गर्मी से राहत' का संकेत होता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, ये ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती तंत्र भूमध्य सागर और अटलांटिक महासागर से नमी लेकर आते हैं। जब ये सिस्टम हिमालय से टकराते हैं, तो वे वर्षा और कभी-कभी बर्फबारी का कारण बनते हैं।

इस बार की स्थिति थोड़ी अनोखी है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की गति इस समय 'सुस्त' है, यानी वह अपनी सामान्य रफ्तार से आगे नहीं बढ़ रहा है। फिर भी, इस पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत को गर्मी से ठहराव मिलेगा। Good News Today की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस विक्षोभ से दिल्ली-एनसीआर, पूरे उत्तर भारत और पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में मौसम 'खुशनुमा' बन जाएगा।

राज्योंवार मौसम पूर्वानुमान

IMD के विस्तृत पूर्वानुमान के आधार पर, विभिन्न राज्यों में मौसम का रुख अलग-अलग दिखेगा:

  • दिल्ली-एनसीआर: 16 जून से 19 जून तक आसमान में बादलों की गति जारी रहेगी। शाम के समय आंधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 22 जून तक यह प्रभाव बना रह सकता है।
  • पश्चिमी हिमालय: 18 जून से 22 जून तक कई दौरों में बारिश होगी, जिसमें कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी शामिल हो सकती है।
  • उत्तर-पश्चिम भारत: राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिमी राजस्थान में 16 जून से 22 जून तक हल्की बारिश या बुंदबांधी की संभावना है।
  • उत्तर प्रदेश: पश्चिमी UP में 16, 17, 18, 19 और 22 जून को बारिश के आसार हैं। पूर्वी UP में 17-18 जून और 21-22 जून के दौरान बारिश हो सकती है।

ETV Bharat की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में हाल ही में पश्चिमी विक्षोभ के कारण 'नौतपा' (साल के सबसे गर्म 9 दिन) का क्रम टूटा था। तेज धूल भरी आंधी और बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई थी। अब इस नए सिस्टम से भी ऐसा ही प्रभाव देखने को मिल सकता है।

लू और मानसून की स्थिति

लू और मानसून की स्थिति

जबकि उत्तर भारत को राहत मिल रही है, देश के अन्य हिस्सों में स्थिति भिन्न है। IMD ने चेतावनी दी है कि विदर्भ क्षेत्र में 19 जून 2026 तक, तेलंगाना में 18 जून 2026 तक और छत्तीसगढ़ में 17 जून 2026 तक कुछ स्थानों पर लू (हीटवेव) की स्थिति बना रह सकती है।

दूसरी ओर, मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। अगले 4-5 दिनों में तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए वायुमंडलीय स्थितियां 'बेहद अनुकूल' बताई गई हैं। इसका मतलब है कि नमी और पवन के पैटर्न में सुधार हुआ है, जिससे मानसून इन राज्यों के अधिक हिस्सों को कवर कर सकता है।

हालांकि, मुंबई के निवासियों के लिए इंतजार लंबा होने वाला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई में मानसून अभी (16 जून 2026 तक) नहीं पहुंचा है। IMD के आकलन के अनुसार, 25 जून 2026 के बाद ही मुंबई में मानसूनी बारिश शुरू होने की संभावना है। यह सामान्य तिथि की तुलना में काफी देर से है।

तापमान में गिरावट: क्या यह स्थायी है?

तापमान में गिरावट: क्या यह स्थायी है?

पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान अभी भी सामान्य से नीचे है। जून 2026 के मध्य तक, इस क्षेत्र के बड़े हिस्से में औपचारिक रूप से 'हीटवेव' घोषित करने लायक तापमान नहीं पहुंच रहे हैं। यह राहत अस्थायी है, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ की प्रकृति ही ऐसी होती है कि वे कुछ दिनों के बाद कमजोर पड़ जाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि तापमान में गिरावट महसूस हो रही है, लेकिन मानसून की विलंबित प्रगति के कारण दक्षिण और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में गर्मी का कहर जारी रह सकता है। इसलिए, लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए।

Frequently Asked Questions

पश्चिमी विक्षोभ से गर्मी में कितनी कमी आएगी?

IMD के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा। हालांकि, यह राहत अस्थायी है और मुख्य रूप से बादलों की उपस्थिति और बारिश के कारण होगी। तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट की संभावना है, जो गर्मी से राहत प्रदान करेगी।

दिल्ली-एनसीआR में कब तक बारिश होगी?

दिल्ली-एनसीआR में 16 जून से 19 जून के दौरान शाम के समय आंधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इसके बाद, 22 जून तक भी बारिश और तूफानी स्थितियों का असर दिखाई दे सकता है। इसलिए, इस अवधि के दौरान बाहर निकलते समय छाता और बेरेन जरूर रखें।

मुंबई में मानसून कब आएगा?

मुंबई में मानसून की देर हो रही है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 25 जून 2026 के बाद ही मुंबई में मानसूनी बारिश शुरू होने की संभावना है। यह सामान्य तिथि (जून की शुरुआत) की तुलना में काफी विलंबित है। इसलिए, शहरवासियों को अगले एक सप्ताह तक गर्म और शुष्क मौसम का सामना करना पड़ सकता है।

कौन से राज्यों में लू की स्थिति बना रहेगी?

विदर्भ क्षेत्र में 19 जून 2026 तक, तेलंगाना में 18 जून 2026 तक और छत्तीसगढ़ में 17 जून 2026 तक कुछ स्थानों पर लू (हीटवेव) की स्थिति बना रह सकती है। इन क्षेत्रों में लोग गर्मी से बचाव के उपाय अपनाएं और पर्याप्त पानी पिएं।

मानसून की प्रगति कैसी रहेगी?

अगले 4-5 दिनों में तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां 'बेहद अनुकूल' हैं। इसका मतलब है कि मानसून इन राज्यों के अधिक हिस्सों में फैल सकता है, लेकिन उत्तर भारत में अभी भी पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव हावी रहेगा।

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Sanjana Sharma

द्वारा Sanjana Sharma